
40 हजार करोड़ रुपए के दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट में पंजाब के हिस्से के निर्माण को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से हरी झंडी मिल गई है। हाईकोर्ट ने निर्माण कार्य पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। जस्टिस लीजा गिल और रितु टैगोर की खंडपीठ ने कहा कि दिल्ली कटरा एक्सप्रेस वे में पंजाब के हिस्से के निर्माण पर रोक लगाने की मांग को मंजूर नहीं किया जा सकता है। खंडपीठ ने मामले पर 10 जुलाई के लिए सुनवाई तय की है।
याचियों की तरफ से वकील सीएस बागड़ी ने कहा कि मुआवजा राशि के विवाद के चलते प्रोजेक्ट पर रोक लगाई जाए। दूसरी तरफ एनएचए की तरफ से सीनियर एडवोकेट चेतन मित्तल ने कोर्ट में कहा, कुछ लोगों ने तो निर्माण कार्य को लेकर अपना दावा भी नहीं किया है।
इसके अलावा जून से अगस्त 2022 में गिराए गए निर्माण कार्यों के मुआवजे का भुगतान कर दिया गया है। कोर्ट में कहा गया कि 40 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट में 669 किलोमीटर का फोर लेन निर्माण होना है। इससे दिल्ली से चंडीगढ़ और दिल्ली से अमृतसर की यात्रा के समय में काफी कमी होगी। ऐसे में निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग को नामंजूर किया जाए।
यह कहा था अपील में…
लुधियाना निवासी दर्शन सिंह व 126 अन्यों ने याचिका दायर कर कहा था कि उनके रिहायशी मकानों व कुछ अन्य निर्माणों को गिरा दिया गया जबकि इसके लिए उन्हें मुआवजे के तौर पर सप्लीमेंटरी अवाॅर्ड भी नहीं दिया गया।