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Sunday, February 8, 2026
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Udham Singh: आज ही के दिन उधम सिंह ने मारी थी जनरल डायर को गोली, जानिए जलियांवाला बाग की पूरी कहानी

Udham Singh shot General Dyer: भारतीय क्रांतिकारी उधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 को लाहौर से 130 मील दूर पिलबाद में हुआ था. सिंह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन और गदर पार्टी से जुड़े थे.

Udham Singh shot General Dyer on 13 march 1940 and took Jallianwala Bagh revenge know story Udham Singh: आज ही के दिन उधम सिंह ने मारी थी जनरल डायर को गोली, जानिए जलियांवाला बाग की पूरी कहानी

उधम सिंह( image source- @puranmalbhargad twitter)

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Udham Singh shot General Dyer: ऐसा कहते हैं कि इतिहास से अच्छा कोई दूसरा गुरू नही हो सकता. इतिहास केवल खुद में घटनाओं को नहीं समेटता है, बल्कि हमें बहुत कुछ सिखाता भी है. ऐसे ही हर दिन किसी न किसी इतिहास से जुड़ा होता है. इसी तरह भारत के इतिहास में आज यानी 13 मार्च का दिन बहुत अहमियत रखता है. आज से ठीक 83 साल पहले 1940 में एक नौजवान ने पंजाब के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ डायर (Michael O Dyer) पर इंग्लैंड में गोलियां बरसाकर जलियांवाला बाग की घटना का बदला लिया था. वह युवा था उधम सिंह.

उधम सिंह ने जलियांवाला बाग के 21 साल बाद एक भरे हॉल में माइकल डायर को गोली मारी थी. जलियांवाला कांड के समय शहीद उधम सिंह की उम्र महज 20 साल थी. जिनका इकलौता मकसद इस घटना का बदला लेना था. माइकल ओ डायर रिटायर होने के बाद हिंदुस्तान छोड़कर लंदन में बस गया था. 1940 को लंदन के कॉक्सटन हॉल में बैठक थी. जिसमें डायर भी शामिल थे, जहां उधम सिंह भी पहुंच गए. जैसे ही डायर बैठक में भाषण देने के लिए कुर्सी की तरफ बढ़े, तभी ही उधम सिंह ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिसकी वजह से डायर की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद उधम सिंह पर मुकदमा भी चला और 31 जुलाई, 1940 को उन्हें फांसी दे दी गई.

क्या है जलियांवाला बाग?
सन् 1919 में 13 अप्रैल को पंजाब में स्वर्ण मंदिर के पास जलियांवाला बाग में खून की होली खेली गई थी. जलियांवाला बाग में बैसाखी के दिन रॉलेट एक्ट का विरोध करने के लिए सभा हो रही थी, जिसे रोकने के लिए ब्रिटिश अधिकारी जनरल डायर ने अंधाधुंध गोलियां चलवा दी थी. ब्रिटिश सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार, कर्नल रेजिनाल्ड डायर से चलाई गईं अंधाधुंध गोलीबारी में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित 388 लोग मारे गए थे, जबकि 1,200 लोग घायल हुए थे.

प्रथम विश्व युद्ध में की थी सेवा 
भारतीय क्रांतिकारी उधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 को लाहौर से 130 मील दूर पिलबाद में हुआ था. सिंह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचएसआरए) और गदर पार्टी से जुड़े थे. उन्हें पंजाब के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ ड्वायर की हत्या के लिए जाना जाता है. उधम सिंह का शुरूआत में नाम शेर सिंह था, जो कि बाद में बदलकर उधम कर दिया गया था. सिंह के पिता का नाम तहल सिंह और माता का नाम नारायण कौर था. उधम दो भाई थे और वह छोटे थे. उनके माता-पिता की मृत्यु तब ही हो गई थी जब वह बहुत छोटे थे, जिसके कारण दोनों भाईयों की परवरिश अनाथालय में हुई थी. सिंह के भाई की गंभीर बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी. जिसके बाद उधम ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश भारतीय सेना में सेवा की.

 

13 मार्च की महत्वपूर्ण घटनाएं
1921 – मंगोलिया ने चीन से स्वतंत्रता हासिल की थी.
1961 भूस्खलन से सोवियत संघ में 145 लोगों की मौत हुई
1956 – न्यूजीलैंड ने टेस्ट क्रिकेट खेलने का दर्जा मिलने के 26 साल बाद अपनी पहली जीत हासिल की.
1992: तुर्की में आये भूकंप से करीब 500 लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग बेघर हो गए.
2004: भारतीय शास्त्रीय संगीत की महान सितार वादक उस्ताद विलायत खां का निधन.

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