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Saturday, February 7, 2026
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आप दिल्ली वालों से क्यों नाराज हैं? अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, बजट रोकने का लगाया आरोप

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली का बजट नहीं रोकने की मांग की है. केजरीवाल का दावा है, केंद्र सरकार ने जान-बूझकर उनके बजट को रोका है.

Delhi CM Arvind Kejriwal wrote to PM Modi ask him not to stop Delhi Budget 2023 to 2024 आप दिल्ली वालों से क्यों नाराज हैं? अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, बजट रोकने का लगाया आरोप

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल

Arvind Kejriwal Letter To PM Modi: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर उनसे दिल्ली का बजट नहीं रोकने की गुहार लगाई है. सीएम केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा, ऐसा देश के 75 साल के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब किसी राज्य के बजट को रोक दिया गया है. आप हम दिल्ली वालों से क्यों नाराज हैं? प्लीज दिल्ली का बजट मत रोकिए. दिल्ली वाले आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहे हैं, हमारा बजट पास कर दीजिए.

केजरीवाल ने सोमवार (20 मार्च) को कहा, कल दिल्ली सरकार विधानसभा में अपना बजट नहीं पेश कर सकेगी, यह सीधी-सीधी सरकार की गुंडागर्दी है और इसके पीछे केंद्र सरकार जिम्मेदार है.

क्या बोला गृहमंत्रालय?
दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया, गृह मंत्रालय ने केजरीवाल सरकार के बजट पर रोक लगा दी है और इसको मंगलवार (21 मार्च) को विधानसभा में पेश नहीं किया जा सकेगा. केजरीवाल की ओर से केंद्र की आलोचना करने के बाद गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, मंत्रालय ने आप से स्पष्टीकरण मांगा है क्योंकि उसके बजट में विज्ञापन के लिए अधिक आवंटन है और बुनियादी ढांचे और अन्य मुद्दों के लिए अपेक्षाकृत कम राशि आवंटित है.

क्या बोले दिल्ली सरकार के उपराज्यपाल?
दिल्ली के एलजी वी.के. सक्सेना के कार्यालय ने दिल्ली सीएम के आरोपों का खंडन किया है. एलजी हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि सक्सेना ने कुछ टिप्पणियों के साथ वार्षिक वित्तीय विवरण 2023-2024 को मंजूरी दी थी और फाइल 9 मार्च को मुख्यमंत्री को वापस भेज दी गई थी. इसके बाद दिल्ली सरकार ने गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर राष्ट्रपति की मंजूरी मांगी थी. अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्रालय ने 17 मार्च को दिल्ली सरकार को अपनी टिप्पणियों से अवगत कराया था.

 

सक्सेना ने कहा, 78, 800 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट आकार के मुकाबले, पूंजीगत घटकों पर व्यय 21,816 करोड़ रुपये इंगित किया गया है, जो बजट का केवल 27.68 प्रतिशत है. इसके अलावा, इसमें ऋण चुकौती के लिए 5,586.92 करोड़ रुपये भी शामिल हैं, जो, यदि बाहर रखा जाता है, तो पूंजीगत घटक को घटाकर 16,230 करोड़ रुपये कर दिया जाएगा, जो कि बजट का केवल 20 प्रतिशत है.

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