Rampur News: उत्तर प्रदेश का मशहूर रामपुरी चाकू जब अपनी पहचान खोने लगा तो शासन ने इसको नई पहचान दिलाने की दिशा में काम शुरू कर दिया. इसके लिए एक अनोखा कदम उठाया गया है.

(दुनिया का सबसे बड़ा चाकू चौक पर लगाया गया, फोटो- रवि शंकर दुबे)
Rampur Knife Chowk Inauguration: रामपुरी चाकू (Rampuri Knife) के लिए विश्व भर में मशहूर रामपुर (Rampur) की पुरानी यादें एक बार फिर ताज़ा हो गई हैं. नैनीताल मार्ग से रामपुर आने वाले चौराहे पर विश्व का सबसे बड़ा चाकू स्थापित किया गया है और चौराहे को चाकू चौक का नाम दिया गया है. इसका उद्घाटन मुरादाबाद मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने किया. इस मौके पर मंडलायुक्त के साथ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़, रामपुर सांसद घनश्याम सिंह लोधी (Ghanshyam Singh Lodhi) और विधायक आकाश सक्सेना (Akasha Saxena) भी मौजूद रहे.
चाकू उद्योग का इतिहास यूं तो रामपुर रियासत के ज़माने से है, कभी रामपुर के चाकू बाजार में सैकड़ों दुकानें हुआ करती थीं जहां से देश भर ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामपुरी चाकू की आपूर्ति होती थी लेकिन चीन निर्मित सस्ते चाकुओं के आने से बजार से रामपुरी चाकू मार्केट से बाहर हो गया. साथ ही सरकार की उपेक्षा का शिकार होकर रामपुरी चाकू का यह उद्योग विलुप्ति की कगार पर आ खड़ा हुआ. इस बीच पूर्व में रामपुर के ज़िलाधिकारी रहे मुरादाबाद के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने इस उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयास किए. पीतल और स्टेनलेस स्टील से निर्मित विश्व के सबसे बड़े चाकू को स्थापित करवाया गया.
चौराहे पर चाकू लगाने के पीछे यह है उद्देश्य
आंजनेय कुमार सिंह ने इसको लेकर मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि चाकू को कैरी करने के बारे में भी बहुत बार लोगों से पूछताछ होती थी तो तीन साल पहले सीएम योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश में पहली बार हम लोगों ने रामपुरी चाकू को रिवाइव करने का प्रयास शुरू किया. रामपुर के जो हस्तशिल्प और कारीगर हैं वह चाकू को बेहतर तरीके से बना रहे हैं. जिलाधिकारी रामपुर ने इस पर काम किया और इसका उद्देश्य इसकी पहचान को बरकरार रखना है. यहां से जो लोग गुजरते हैं उनकी नजर पड़े और वे रामपुर की खासियत को समझ सके.

