
पंजाब में पंचों-सरपंचों के खिलाफ शिकायतों की बाढ़ आ गई है। इन शिकायतों में आधी के करीब सीएम की ऑनलाइन शिकायत सुविधा पर की गई हैं। इस समय पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पंचों, सरपंचों और पंचायत सचिवों के खिलाफ 450 से अधिक शिकायतों की जांच कर रहा है।
कई मामलों में गिरफ्तारी भी हो चुकी हैं। कई मामलों में विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं लगी और लाखों रुपयों का गायब कर लिया गया। सरकार ने ग्रामीण डेवलपमेंट फंड्स में गड़बड़ी रोकने को संबंधित जिलों के डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में मॉनिटरिंग कमेटी बनाने की तैयारी की है। ये पंचायत स्तर पर शुरू होने वाले प्रोजेक्ट्स की निगरानी करेंगे।
भ्रष्टाचार सहन नहीं करेंगे
पंचायतों से भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म किया जाएगा। शिकायतें मिलने पर जांच विजिलेंस को सौंपेंगे। गबन मामले में रियायत नहीं होगी।
कुलदीप धालीवाल, कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री
5 लाख से अधिक के केस विजिलेंस को भेजे जाएंगे
पंचायतों में 5 लाख से अधिक की गड़बड़ी मामले आने पर केस विजिलेंस को भेजा जाएगा। अभी चुनिंदा केस ही विजिलेंस को भेजे जाते थे। कुछ पंचायतों में करोड़ों के घपले हुए हैं और जांच विजिलेंस की टीमें कर रही हैं। वहीं विकास के लिए आने वाले फंड्स को भी फर्जी बिलों के नाम पर डकार लिया गया। अब ग्रामीण ही शिकायत भेज रहे हैं।

