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Saturday, February 7, 2026
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सामूहिक विवाह ,2 महीने से होने लगती है तैयारी:भाविप ने 14 साल में 400 जरूरतमंद बेटियों का घर बसाया

कन्यादान महादान - Dainik Bhaskar
कन्यादान महादान

भारत विकास परिषद के सदस्यों में कोई रिटायर्ड इंजीनियर है, कोई प्रशासनिक अधिकारी और कारोबारी। इन्होंने 2009 में नवरात्र में पूजन के मौके पर अहम फैसला किया कि उन जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी करवाएंगे जाे आर्थिक रूप से कमजाेर हैं।

ये सिलसिला 14 साल से जारी है। अब तक 400 बेटियों की शादी करवा चुके हैं। सामूहिक शादी समारोह का आयोजन करने के लिए 2-2 महीनों की मेहनत होती है। सबसे पहले उन लोगों की रजिस्ट्रेशन होती है, जहां बेटी का रिश्ता हो चुका है और वर-वधू पक्ष सामूहिक शादी समारोह के लिए तैयार हैं।

संगठन के सदस्य उनके जरूरत का सामान साथ में देते हैं। पहले मंदिरों में इस शादी समारोह के लिए सूचनाएं दी जाती थी ताकि लोग संगठन से संपर्क कर सकें लेकिन अब पूरा साल खुद ही लोग संपर्क साधते हैं। रविवार को भारत विकास परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट और श्री कृष्ण मुरारी मंदिर गोपाल नगर की ओर से 6 लड़कियों की शादी की गई।

समारोह में पूरा माहौल उत्साहवर्धक व खुशी से भरा था। भारत विकास परिषद ने वो सारे इंतजाम किए जो शादी में होते हैं। ये सदस्य समाज में बदलाव की कहानी बताते हैं। इनमें शामिल इंजीनियर राज कुमार चौधरी कहते हैं कि पहले संयुक्त परिवार होते थे।

जब किसी बेटी की शादी होती थी तो सभी रिश्तेदार परिवार वालों से पूछकर बेटी के दहेज में एक-एक सामान देते थे कि पेरेंट्स का बड़ा आर्थिक मसला हल हो जाता था। लेकिन अब ये मिलवर्तन कम हुआ है। परिवार छोटे हुए हैं। एेसे में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में हिस्सेदारी के लिए हम लगातार बेटियों की सामूहिक शादियों का आयोजन कर रहे हैं।

आज समाज में जहां अन्य सेवा कार्य कर अपने जीवन को सफल बना रहे हैं वहीं जरूरतमंद बेटियों की शादी करवा कर भी इंसान आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को सफल बना सकता है। जरूरतमंद लड़कियों का शादी समारोह उन परिवारों के लिए एक स्वप्न की भांति लगती है जिन परिवारों में आर्थिक तंगी है, उनके लिए बेटी के लिए लड़का देखने के पहले ही दिन से चिंता शुरु हो जाती है।

शादी की खुशी भी होते है और कम आर्थिक संसाधनों के कारण मजबूरियां भी। कन्याओं का विवाह करवाना पुण्य का कार्य है कन्यादान एक महादान होता है। इससे बड़ी सेवा नही हो सकती। ऐसे आयोजन में सामाजिक संगठनों और समाज सेवियों को आगे आना चाहिए।

सबका सहयोग जरूरी

सुशील शर्मा ने बताया कि हर पर्व को हर्षो उल्लास के साथ मनाया जाता है। जब सामूहिक विवाह आयोजन की बारी आती है तो इस महान कार्य को सभी के सहयोग के साथ कन्यादान किया गया। इस पुण्य काम में विवाह की संकीर्तन, हल्दी, मेहंदी की रस्म से लेकर सारे रीति-रिवाज हर्षो उल्लास के साथ किए गए।

यहां चमनलाल कौछड़, उमा महेश्वर, बिना शर्मा, पूर्व विधायक केडी भंडारी, अरुणा पुरी, रमेश विज, विवेक शर्मा, हर्षवर्धन शर्मा, गुलजारी लाल गुप्ता, अश्विनी नागपाल, अशोक शर्मा और पवन कुमार गर्ग आदि उपस्थित रहे।

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