
पंजाब पुलिस ने क्राइम कंट्रोल करने की जगह स्नैचिंग व लूट जैसी वारदातों की FIR दर्ज ना करके आंकड़ों में सुधार लाना शुरू कर दिया है। अमृतसर जैसी टूरिस्ट सिटी में सैलानियों के साथ होने वाली घटनाओं की FIR तक दर्ज नहीं की जा रही। इतना ही नहीं, उन्हें शिकायत दर्ज करने के नाम पर सिर्फ डेली डायरी रिपोर्ट (DDR) काट कर बेवकूफ बनाया जा रहा है।
महाराष्ट्र से अमृतसर गोल्डन टेंपल माथा टेकने पहुंचे जैस बलानी ने सिविल लाइन में रविवार शाम शिकायत दर्ज करवाई। दरअसल, वह अभी मुंबई से शाम तकरीबन 5.30 बजे अमृतसर पहुंचे थे और रेलवे स्टेशन से बाहर निकले थे। तभी उनके साथ स्नैचिंग की घटना हो गई।

जैस बलानी ने बताया कि उनकी पत्नी वनीता बलानी का पर्स कोई अज्ञात छीन कर फरार हो गया। जिसमें सिर्फ उनकी ही नहीं, पूरे ग्रुप की रिटर्न टिकट्स थी, जरूरी सामान और हजारों रुपए कैश भी था। DDR में कैश का हवाला ही नहीं दिया गया। इतना ही नहीं, सिर्फ रेलवे टिकटों की डिटेल लिख DDR काटी गई।
टूरिस्ट ने CM मान से पूछा सवाल, क्यों आएं यहां
ग्रुप के साथ आए कपिल राजवानी ने ट्विटर पर पूरी घटना की शिकायत मुख्यमंत्री भगवंत मान को की है। कपिल राजवानी का कहना है कि घटना के बाद सभी ने स्नैचरों से सावधान रहने की बात कही है। इसी के साथ राजवानी ने मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत मान से सवाल भी किया है कि अगर ऐसा ही है तो कोई क्यों पंजाब आएगा।
FIR दर्ज न करने के लिए उकसाती है पुलिस
हैरानी की बात है कि स्नैचर्स के लिए टूरिस्ट आसान टारगेट बन रहे हैं। इसकी वजह भी पुलिस खुद है। दरअसल, टूरिस्ट जब भी पुलिस के पास शिकायत लेकर जाती है, उन्हें बातों में उलझा कर FIR दर्ज ना करने के लिए उकसाया जाता है, ताकि पुलिस थाने का रिकॉर्ड खराब ना हो। वहीं, शिकायत न दर्ज होने के बाद स्नैचर्स के हौसले और बुलंद हो रहे हैं।
बार-बार चक्कर लगाने की बात कह कर डराती है पुलिस
पुलिस शिकायतकर्ता को ही डराती है। उन्हें बार-बार अन्य शहर से अमृतसर आने की बातें कह कर डराया जाता है। इतना ही नहीं, मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद गवाही देने के नाम पर भी डराया जाता है। अंत में टूरिस्ट खुद का नुकसान सहते हुए FIR न करने की बात मान जाता है।

