
पंजाब के बरनाला का जवा देश के लिए शहीद हो गया है। गांव वजीदके का फौजी जसवीर सिंह समरा जम्मू में तैनात था। वह ड्यूटी के दौरान आतंकी हमले में शहीद हो गया। वीर फौजी की शहादत की सूचना परिवार को मिली है। शहीद जसवीर माता पिता की इकलौती संतान था।
फौजी जसवीर सिंह की शहादत की खबर से पूरे बरनाला क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि जसवीर सिंह के शहीद होने की जानकारी उनके पारिवारिक सदस्यों को दे दी गई है। जिला प्रशासन लगातार फौज से संपर्क में है। प्रशासन और परिवार को जसवीर सिंह समरा के बारे में आगामी सूचना का इंतजार है। उनके पैतृक आवास पर भी लोगों की भीड़ जुटने लगी है।
कल सुबह आएगा पार्थिव शरीर
फौजी जसवीर सिंह समरा 10 जेके राइफल में लांस नायक था। उस का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह 10:00 बजे उसके पैतृक गांव वजीदके में लाया जाएगा। वहां पर सैनिक सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
2 मई को घर से गया था
गांव वजीदके कला की सरपंच गुरमीत कौर के पति बलजिंदर सिंह ने बताया कि फौजी जवान अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके कोई भाई – बहन नहीं है। उसकी आयु करीब 25 वर्ष थी और अभी तक उसकी शादी भी नहीं हुई थी। वह छुट्टी आया हुआ था और इसी महीने की 2 मई को ड्यूटी पर वापस गया था।
पिता स्कूल बस पर ड्राइवर
वह गरीब किसान परिवार से संबंधित था। उनके पिता एक स्कूल बस में ड्राइवर हैं, माता घरेलू औरत है। उनके पास ना मात्र जमीन है। परिवार देश की सेवा करने का जज्बा और परिवार की आर्थिक हालत ठीक करने के लिए वह फौज में करीब 6 साल पहले भर्ती हुआ था

