
हरियाणा में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अगस्त में शुरू हो जाएगा। पहले हरियाणा के चार जिलों पंचकूला, करनाल, पानीपत और सोनीपत को बसों देने की तैयारी है। इन चारों जिलों में नगर निगम हैं, ऐसे में इनका संचालन सिटी में होगा। जबकि पानीपत और सोनीपत से इलेक्ट्रिक बसें नई दिल्ली तक का सफर कर सकेंगी। इलेक्ट्रिक बसें 12 मीटर की लंबी होंगी और 36 सीटर होंगी। ये बस एसी होंगी। आम बसों के मुकाबले इनमें डेढ़ गुणा किराया हो सकता है। इन बसों में सीटिंग के अलावा स्टेंडिंग कैपेसिटी भी होगी।
रोडवेज ने बसों के संचालन से ठीक पहले इन जिलों में चार्जिंग स्टेशन, बसों के ठहरने या स्टोर, टूल किट आदि रखने के लिए स्थान निर्धारित करने को लेकर कंसलटेंट नियुक्त किया है, जो हर जिले में जाकर पहले से सभी तरह की तैयारियों की परख करेंगे। बसों का संचालन कंपनी करेगी और परिचालक हरियाणा रोडवेज का होगा। रिपेयर, बस, चार्जिंग स्टेशन, बिजली खर्च आदि सब कंपनी का ही होगा। इन बसों का डिजाइन भी जल्द फाइनल हो जाएगा, यह ग्रीन कलर की हो सकती हैं। 20 जून को प्रोटो बस की होगी जांच: रोडवेज की कमेटी 20 जून को प्रोटो बस की जांच करने के लिए कंपनी जाएगी। यदि उसमें किसी तरह कमी होगी तो उसे दूर कराने को कहा जाएगा। इसके बाद बसों की सप्लाई अगस्त में शुरू होगी। इसी साल के अंत तक सभी 375 बसें हरियाणा को मिल जाएंगी।
एनसीआर में नई बसों पर ज्यादा फोकस
नई दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए कई राज्य संयुक्त प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए नई दिल्ली में पिछले दिनों बैठक भी हो चुकी है। हरियाणा रोडवेज की योजना है कि एनसीआर के जिलों में अब नई बसें जो बीएस-6 हैं, उनका संचालन ज्यादा से ज्यादा किया जाए। ताकि इनको नई दिल्ली तक चलाया जा सके।
प्रदेश में बसों का बेड़ा बढ़ाया जा रहा है। अब 153 एसी बसें आएंगी, फिर 375 इलेक्ट्रिक बसें आएंगी। बसों का बेड़ा 5300 से ज्यादा का होगा। बसों की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

