
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों की बैठक आज अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के तेजा सिंह समुंद्री हॉल में होने जा रही है। आज श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को हटाने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग सकता है। मिली जानकारी के अनुसार जत्थेदार को हटाने के निर्णय पर अकाली दल में ही फूट डलती दिख रही है।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा की सगाई में जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के पहुंचने के बाद पद से उतारने की कवायतें शुरू हो गई थी। अकाली दल के ही सीनियर नेताओं ने जानकारी दी कि जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब व श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदारी से उतारने के फैसले पर अकाली दल में ही फूट पड़ गई।
पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के पुराने साथी और सुखबीर बादल के साथ दिखने वाले चेहरे इस मुद्दे पर एक दूसरे के सामने हो गए हैं।

ज्ञानी हरप्रीत सिंह के पास जब उन्हें पद से हटाने की बात पहुंची तो उनके भी बगावती सुर सामने आए। जिसके बाद सुखबीर बादल को यह डर भी सताने लगा है कि कहीं ज्ञानी हरप्रीत सिंह अकाली दल के खिलाफ सीनियर लीडर्स को लेकर बगावत ना छेड़ दें।
प्रकाश सिंह बादल की कमी खली
इस माहौल के बीच सुखबीर बादल को एक बार फिर पिता स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल की कमी खली। मालवे के दो सीनियर अकाली लीडरों ने सुखबीर बादल को समझाया कि बड़े बादल के जाने के बाद माहौल बदल चुका है। जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को सीनियर अकाली नेताओं का समर्थन है। अकाली दल में विरोध शुरू हो गया तो उसका नुकसान उन्हें ही होने वाला है। जिसके बाद सुखबीर बादल ने फिलहाल फैसले को टाल दिया है।
अधिकतर नेता कर चुके ना
SGPC प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी इस बैठक से पहले कई अकाली नेताओं से मिले। इस दौरान ज्ञानी हरप्रीत सिंह को लेकर ही बातचीत हुई। सुनने में आया है कि अधिकतर अकाली नेताओं ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह को हटाने के फैसले पर पूरी तरह से ना कर दी। वहीं, जो हालात बन रहे हैं, ऐसे में कोई दोनों तख्तों की जिम्मेदारी लेने को तैयार भी नहीं है।

