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Saturday, February 7, 2026
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लुधियाना में शहीद मनदीप की अंतिम विदाई:बेटी ने किया सेल्यूट, बेटा बोला- मैं भी फौज में भर्ती होकर देश की सेवा करूंगा

जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकी हमले में शहीद हुए लुधियाना के मनदीप सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव चन्नकोइया पहुंच गया है। पार्थिव शरीर जैसे ही घर पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। परिजन पार्थिव शरीर से लिपट गए। वहीं शहीद को उनकी बेटी खुशदीप कौर ने सेल्यूट किया। शहीद जवान का थोड़ी देर में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

शहीद के बेटे 8 वर्षीय करनदीप सिंह ने कहा कि वह अपने पिता मनदीप सिंह की तरह ही फौज में भर्ती होना चाहता है। वह भी देश की सेवा करेगा। उसे गर्व है कि उसके पिता ने देश के लिए अपनी जान दी है।

वहीं बेटी ने कहा कि कहा कि जब पिता के शहादत की खबर टीवी में मिली तो परिवार पूरा गमगीन हो गया। गांव के लोगों ने उन्हें हौसला दिया कि देश के लिए उसके पिता ने बलिदान दिया है। उसे पिता पर गर्व है।

शहीद मनदीप सिंह की बेटी खुशदीप पिता की पार्थिव देह को सलामी देती हुई।
शहीद मनदीप सिंह की बेटी खुशदीप पिता की पार्थिव देह को सलामी देती हुई।

सूबेदार चाचा से सेना में जाने की मिली प्रेरणा
शहीद के चाचा सेना से रिटायर्ड सूबेदार जसवीर सिंह ने कहा कि मनदीप सिंह बचपन से ही बेहद जुनूनी रहा। उन्हें सेना में जाने के लिए मुझसे प्रेरणा मिली। मनदीप अपने चार भाई-बहनों में अकेला था, जिसने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की। ताकि वह सेना में आवेदन करने के योग्य हो सके। उन्होंने कहा कि उनके भाई व्यवसाय में हैं, लेकिन मनदीप अलग थे और वह देश की सेवा करना चाहते थे।

शहादत से एक दिन पहले पत्नी को किया था फोन
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​मनदीप के पिता का एक दशक पहले निधन हो गया था। वहीं शहीद की पत्नी जगदीप कौर ने कहा कि शहादत से एक दिन पहले ही मनदीप सिंह ने उनसे कॉल पर बात की थी। मनदीप आखिरी बार फरवरी में घर आए थे। इस दौरान वह एक महीना परिवार के साथ रहे। मार्च के पहले सप्ताह में वह ड्यूटी पर चले गए थे। पहले मनदीप लद्दाख में तैनात थे। अभी हाल ही में जम्मू में तैनात हुए थे।

शहीद मनदीप का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव।
शहीद मनदीप का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव।

गांव के लोग बताते हैं कि मनदीप बहुत ही गरीब परिवार से संबंध रखते थे। मनदीप सिंह शुरू से ही देश के प्रति सेवा भाव रखते थे। इस कारण वह फौज में भर्ती हुए। उन्होंने 16 वर्ष फौज में सेवा की। मनदीप की शादी हो चुकी है। उनका एक 8 साल का बेटा और 10 साल की बेटी है। मनदीप सिंह गांव के पूर्व सरपंच स्वर्गीय रुप सिंह के तीन बेटों में सबसे बड़े थे। मनदीप के परिवार में उनकी मां बलविंदर कौर, पत्नी जगदीप सिंह और बेटा व बेटी हैं।

विलाप करते परिजन।
विलाप करते परिजन।

राष्ट्रीय राइफल यूनिट में थे मनदीप
जवान मनदीप सिंह राष्ट्रीय राइफल यूनिट से थे। इन्हें इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियान में तैनात किया गया था। गुरुवार को आतंकियों ने घात लगाकर पहले सेना के ट्रक पर गोलियां चलाईं और फिर ग्रेनेड फेंक दिया, जिससे ट्रक में आग लग गई। जिसमें वह शहीद हो गए।

भिंबर गली से पुंछ की तरफ जा रहा था ट्रक
नॉर्दर्न कमांड हेडक्वार्टर की ओर से जारी बयान में बताया गया कि जवानों को लेकर ट्रक भिंबर गली से पुंछ की तरफ जा रहा था। बारिश हो रही थी और विजिबिलिटी भी काफी कम थी। आतंकियों ने इसी का फायदा उठाया।

शहीद मनदीप की अंतिम विदाई की तस्वीरें:-

शहीद मनदीप सिंह के पार्थिव शरीर पर लपेटने के लिए तिरंगा लेकर पहुंचे अधिकारी।
शहीद मनदीप सिंह के पार्थिव शरीर पर लपेटने के लिए तिरंगा लेकर पहुंचे अधिकारी।
शहीद मनदीप सिंह की पत्नी और बच्चों के साथ फोटो।
शहीद मनदीप सिंह की पत्नी और बच्चों के साथ फोटो।
पिता के पार्थिव शरीर को देख भावुक हुआ 8 वर्षीय बेटा करनदीप सिंह।
पिता के पार्थिव शरीर को देख भावुक हुआ 8 वर्षीय बेटा करनदीप सिंह।
विलाप करते शहीद जवान के परिजन।
विलाप करते शहीद जवान के परिजन।

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