
चंडीगढ़ के एडेड (सरकारी सहायता प्राप्त) कॉलेजों के टीचरों को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने 60 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट के प्रशासन के आदेश पर फिलहाल रोक लगाते हुए याचिका दायर करने वाले इन टीचरों को नौकरी में बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
सरकारी कॉलेजों के टीचरों की तर्ज पर 65 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट का प्रावधान करने की मांग पर जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस सुखविंदर कौर ने चंडीगढ़ प्रशासन व केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले पर 31 अगस्त के लिए सुनवाई तय की गई है।
खंडपीठ ने कहा कि पहली नजर में इस मामले को देखने पर लग रहा है कि प्राइवेट एडेड कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के सरकारी कॉलेजों के शिक्षकों की रिटायरमेंट की आयु सीमा में भेदभाव नहीं किया जा सकता। ऐसे में 60 साल की आयु सीमा को पार न करने वाले याची टीचरों को नौकरी में बनाए रखा जाए।
अलग-अलग चार याचिकाओं में कहा गया कि वे पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) से मान्यता प्राप्त एडेड कॉलेजों में पढ़ाने का काम करते हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने एडेड कॉलेजों के टीचरों की रिटायरमेंट की आयु सीमा 60 वर्ष रखी है, जबकि सरकारी कॉलेजों के शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष है। याची ने कहा कि चंडीगढ़ सीधे तौर पर सेंट्रल सिविल सर्विस रूल के तहत आता है और उच्च शिक्षा संस्थानों के मामले में यह यूजीसी से जुड़ा है।
याचिका एडेड कॉलेजों के टीचर्स को लाभ से वंचित किया जा रहा
याचिकाओं में कहा गया कि केंद्र सरकार की 29 मार्च 2022 की अधिसूचना के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष कर दी थी लेकिन याचिकाकर्ताओं को इसका लाभ नहीं मिला।
याचिकाकर्ता एडेड कॉलेजों के टीचर व प्रिंसिपल हैं और उन्हें इस लाभ से वंचित करते हुए 60 वर्ष की आयु में रिटायर किया जा रहा है, जो कि गलत है। ऐसा करना केंद्र सरकार की अधिसूचना के साथ साथ यूजीसी की गाइडलाइन की भी अनदेखी है।
ऐसे में मांग की गई कि चंडीगढ़ प्रशासन के इस फैसले को खारिज किया जाए और याचिका के विचाराधीन रहते उनकी 60 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट के आदेश पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर चंडीगढ़ प्रशासन और केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। साथ ही इस दौरान 60 वर्ष की आयु सीमा को पार न करने वाले याची टीचरों को नौकरी में बनाए रखने के आदेश दिए हैं।

