
चंडीगढ़ के गांव मलोया स्थित स्नेहालय में एक 8 वर्षीय बच्चे से निर्ममता से मारपीट का मामला सामने आया है। बच्चे के मुंह पर इतनी जोरदार तरीके से थप्पड़ मारे गए हैं कि उंगलियों के निशान तक छप गए हैं, लेकिन किसी को रोते-बिलखते बच्चे की आवाज सुनाई नहीं दी।
सोशल वेलफेयर वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट विभाग के अधिकारियों ने मामला संज्ञान में आने पर कार्रवाई की। लेकिन बच्चे से मारपीट किसने की, इसका पता अभी तक नहीं लग सका है। सोशल वेलफेयर की डायरेक्टर पलिका अरोड़ा से संपर्क होने पर उन्होंने मामले में कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
उन्होंने बताया कि स्नेहालय के सिक्योरिटी गार्ड को पहले ही दिन नौकरी से हटा दिया गया। साथ ही सुपरिटेंडेंट को भी एक महीने का नोटिस दिया गया है और फिर नौकरी से निकाल दिया जाएगा।
अधिकारी कर रहे जांच
गौरतलब है कि मामला 19 अप्रैल का है। लेकिन किस व्यक्ति ने स्नेहालय के अंदर बच्चे की निर्ममता से पिटाई की, इसका पता लगाने के लिए विभागीय अधिकारी फिलहाल जांच कर रहे हैं।
बच्चे के मेडिकल में की गई देरी
मामले की गंभीरता पता लगने के बाद भी बच्चे का मेडिकल नहीं कराया गया। करीब 2 दिन तक बच्चे के स्वास्थ्य की जांच न कराए जाने से सुरक्षा के मद्देनजर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। बच्चे का मेडिकल कितने समय बाद कराया गया या फिर कराया भी गया या नहीं, इस संबंध में फिलहाल कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
GM और AGM पर विशेष जिम्मेदारी
दरअसल, मामले की जिम्मेदारी समूचे स्नेहालय प्रबंधन पर है, लेकिन GM और AGM की डायरेक्ट जिम्मेदारी बनती है। मामले में सिक्योरिटी गार्ड पर कार्रवाई कर दी गई है। लेकिन उससे की गई पूछताछ में उसने बच्चे की पिटाई करने वाले व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

