
हरियाणा में मुंबई एक्सप्रेस-वे के आसपास के इलाके को सरकार औद्योगिक रूप में प्रयोग करेगी। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर वेयर हाउस बनाए जाएंगे। इसके लिए सरकार किसानों की जमीन खरीदेगी। केवल उन्हीं किसानों की जमीन खरीदी जाएगी, जो बेचने के इच्छुक होंगे। इसके बाद जमीन पर वेयर हाउस बनेंगे।
दरअसल, सरकार की योजना है कि यमुना एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर लॉजिस्टिक हब बनाया जाए। जल्द ही एनएचएआई के साथ सरकार की बैठक होगी। सरकार की सोच है कि बड़े उद्योगपति यहां आएंगे और कारोबार स्थापित करेंगे।
दिल्ली से मुंबई तक लगभग 1380 किलोमीटर लंबे 8 लेन के इस एक्सप्रेस-वे का हरियाणा में 129 किलोमीटर हिस्सा है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि हरियाणा सरकार की योजना है कि एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर 250-250 एकड़ के पैच खरीदे जाएंगे।
ये किसानों से ई-भूमि पोर्टल के जरिए ली जाएगी। किसानों को हरियाणा की जमीन अधिग्रहण नीति के तहत राशि मिलेगी। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इसके लिए जगह का मुआयना भी किया है।
इसका बड़ा लाभ ये होगा कि एक्सप्रेस-वे पर बड़ी संख्या में उद्योगपति आएंगे। इससे सरकार को तो लाभ होगा, बल्कि हरियाणा के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। दिल्ली से सटा होने के कारण यहां बड़ी कंपनियां आएंगी, क्योंकि श्रमिकों की दिक्कत नहीं रहेगी। प्रदेश सरकार जमीन का अधिग्रहण कर एनएचएआई को देगी। इसके बाद इंफ्रा एनएचएआई का होगा। इसके बदले में हरियाणा को राशि मिलेगी।
13 बंदरगाह, 8 हवाई अड्डों से जोड़ेगा एक्सप्रेस-वे
यह एक्सप्रेस-वे हरियाणा समेत दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा और कोटा, इंदौर, जयपुर, भोपाल, वडोदरा और सूरत जैसे मुख्य शहरों को जोड़ेगा। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे-93 13 बंदरगाहों, 8 प्रमुख हवाई अड्डों और 8 बहुविध लॉजिस्टिक पार्कों काे भी सुविधा प्रदान करेगा।
इससे जेवर एयरपोर्ट, नई मुम्बई एयरपोर्ट और जेएनपीटी पोर्ट जैसी निर्मित होने वाली ग्रीनफील्ड अधोसंरचनाओं को भी फायदा पहुंचेगा। इससे हरियाणा सीधे बंदरगाह से जुड़ेगा। नूंह, गुड़गांव व फरीदाबाद में वेयरहाउस स्थापित होंगे।

