
पंजाब में आज किसानों ने ट्रेनें रोकने के फैसले को रद्द कर दिया है। देर रात दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए किसानों को छोड़ दिया गया। किसान यूनियन के नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि किसानों को छोड़े जाने की सूचना मिलते ही ट्रेन रोकने का फैसला मुल्तवी कर दिया गया है, लेकिन पहलवानों के समर्थन में किसान खड़े हैं और इसके लिए अगली रणनीति तैयार की जा रही है।

सेक्शुअल हैरेसमेंट को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे देश के नामी पहलवानों के पक्ष में पंजाब के किसान संगठन भी उतरे हैं। किसान संगठनों का कहना है कि उनके नेता दिल्ली में धरने का समर्थन करने गए तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बवाना थाना में ले गई। जिसके बाद ही ट्रेनों को रोकने का फैसला किया गया था।
पहलवानों का साथ देने वालों पर हो रही कार्रवाई
पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के राज्य कार्यालय सचिव गुरबचन सिंह चाबा और सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण को तो गिरफ्तार नहीं कर नहीं रही, बल्कि जो लोग इतने दिनों से जंतर मंतर पर बैठकर इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं, उनके ऊपर कार्रवाई कर रही है। पहलवानों का साथ देने वालों को गिरफ्तार कर रही है।
बृजभूषण को खुद इस्तीफा देना चाहिए
किसान नेताओं ने कहा कि महिला पहलवानों की शिकायत के बाद देश का नाम पूरे विश्व में खराब हो रहा है। ऐसे में भाजपा सांसद बृजभूषण को खुद इस्तीफा देना चाहिए और जांच में शामिल होना चाहिए। हैरानी की बात है कि अभी तक इस मामले में जांच भी शुरू नहीं हो पाई है। देश का नाम विश्व में ऊंचा करने वाली बेटियों के हक में देश को और भाजपा समर्थकों को भी आना चाहिए।

