
यूटी स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट की स्पोर्ट्स पॉलिसी ड्राफ्ट को प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने मंजूरी दे दी है। डायरेक्टर स्पोर्ट्स सौरभ अरोड़ा ने सेक्रेटरी स्पोर्ट्स की मौजूदगी में इसे प्रशासक के सामने पेश किया। उन्होंने इसे मंजूरी देते हुए 15 दिन के लिए पब्लिक डोमेन में रखने को कहा है, ताकि आम जनता सहित स्टेकहोल्डर्स सुझाव दे सकें।
अभी प्लेयर्स को ग्रेडेशन के लिए लिमिटेड समय दिया जाता है, लेकिन अब वे पूरा साल ग्रेडेशन करा सकेंगे। स्पोर्ट्स कोटे में एडमिशन उनके लिए आसान होगा और अवॉर्ड के लिए भी नॉमिनेशन दे पाएंगे। खिलाड़ियों का डेटा बैंक बनाया जाएगा। इसमें एथलीट की ग्रोथ, एडवांस ट्रेनिंग से लेकर हर तरह की जानकारी शामिल होगी। कांस्टेबल और होमगार्ड भर्ती में खिलाड़ी का 5 फीसदी कोटा भी रखा गया है।
इंजरी सेंटर और स्पेशल अवॉर्ड
ड्राफ्ट में वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स इंजरी एंड रिहैब सेंटर का जिक्र है। खिलाड़ियों की साइकोलॉजिकल और मेंटल हेल्थ का भी ध्यान रखा जाएगा। देश को सम्मान दिलाने वाले खिलाड़ियों को एडमिनिस्ट्रेटर्स अवॉर्ड दिया जाएगा, जिसमें कैश अवॉर्ड भी शामिल होगा। ये दूसरे अवॉर्ड से अलग होगा।
पहली स्पोर्ट्स पॉलिसी…
स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट की शुरुआत 1982 में हुई, तब से लेकर अब तक कोई स्पोर्ट्स पॉलिसी यहां नहीं थी। पहली बार इसका ड्राफ्ट तैयार किया गया है। अभी तक पड़ोसी राज्यों की पॉलिसी के आधार पर ही अवॉर्ड दिया जाता था। ड्राफ्ट में कोचेज की भी परफॉर्मेंस पर नजरें होंगी। उनकी ग्रोथ के लिए काम किया जाएगा और कैश अवॉर्ड का भी इसमें जिक्र है।

