
पंजाब के कैबिनेट मिनिस्टर लाल चंद कटारूचक्क की विवादित वीडियो में दिखने वाले पीड़ित के सामने आने के बाद मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाती (SC) कमीशन में पीड़ित की शिकायत पहुंचने के बाद दिए गए नोटिस का आज पंजाब चीफ सेक्रेटरी जवाब देने वाले हैं। वहीं पीड़ित का पूरा वीडियो भी सामने आया, जिसमें उसने बीते 3 दिन से मिल रही धमकियों का भी जिक्र किया है।
बीते दिनों पीड़ित की शिकायत पर नेशनल SC कमीशन ने चीफ सेक्रेटरी और DGP से जवाबतलबी की थी। नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा, जिसका आज चीफ सेक्रेटरी जवाब देंगे। चीफ सेक्रेटरी से पूछा गया है कि इस मामले में क्या कार्रवाई की गई?। अगर कोई FIR दर्ज की गई तो उसके बाद की कार्रवाई के बारे में बताएं?। पीड़ित को सिक्योरिटी देने के भी आदेश दिए गए हैं।

पीड़ित ने सुनाई आपबीती, लालच में बार-बार बनाया गया हवस का शिकार-
पीड़ित के सामने आने के बाद उसने अपनी आपबीती अब मीडिया के सामने उजागर करनी शुरू कर दी है। पीड़ित ने यह भी जानकारी दी कि मामला गवर्नर के पास पहुंचने के बाद से ही उसे धमकियां मिलनी शुरू हो गई। उसके मोबाइल को ट्रेस किया जा रहा था, इसलिए उसे वे मोबाइल तोड़ फेंकना पड़ा। परिवार व उसे जान से मारने तक की धमकियां दी गई हैं।
पीड़ित ने बताया- मेरा नाम **** है। मैं पठानकोट जिले का रहने वाला हूं। यह जो थोड़े दिन पहले वीडियो वायरल हुई है, लाल चंद कटारूचक्क की वे मेरी ही है। यह बात हमारी शुरू हुई थी 2013 या 14 के करीब के बीच। तब मैं बहुत छोटा था।
यह स्टार्टिंग फेसबुक से हुई। तब उन्होंने रिक्वेस्ट भेजी, मैंने असेप्ट की। तब मैं छोटा था, फेसबुक का क्रेज होता था। बात करने का क्रेज होता था। मैंने बात की। इन्होंने सीधा ही कह दिया, सेक्स करना है। मैं समझा नहीं, सेक्स करना है… इन्होंने कहा, नंबर दो।
मैंने कहा नंबर ले लो। मेरा नंबर ले लिया। मेरा नंबर लिया तो कुछ दिन फ्रैंडली फोन प र बात करते रहे। एक दिन इन्होंने सीधा ही कह दिया, तुम गुरदासपुर आ सकते हो। मैंने कहा में SC कम्युनिटी को बिलांग करता हूं, बहुत ही नीचे (गरीब) घर का हूं, मैं नहीं आ सकता, मेरे पास पैसे नहीं हैं। इन्होंने कहा कि तुम आ जाओ, किसी से पैसे पकड़ लो, गुरदासपुर पहुंच जा, फिर मैं वापस कर दूंगा… जितने भी लगेंगे।
मैं गुरदासपुर बस स्टैंड उतरा। यह मुझे स्विफ्ट कार में लेने आए। तब इनके पास सोने कलर की स्विफ्ट कार थी। यह मुझे कामरेड दफ्तर ले गए। गुरदासपुर कामरेड दफ्तर है। इन्होंने कहा तू ड्रिंक करता है, मैंने मना कर दिया। इन्होंने कहा, आज कर ले… कोई बात नहीं। चलो ठीक है, कर लेते हैं।
इसके बाद उन्होंने मेरे साथ अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दी। इसके बाद इन्होंने ***** (अमानवीय काम) शुरू कर दिया। मैंने पहली बार ड्रिंक की थी। इसके बाद इन्होंने जबरदस्ती ***** (गलत काम) करवाया।
मुझे इन्होंने दोबारा से करने के लिए कहा, मैंने मना कर दिया, कि मैं यह कर नहीं सकता। इन्होंने मुझे नौकरी का लालच दिया। इन्होंने कहा कि आज नहीं या कल नहीं…. विधायक तो मैंने बन ही जाना है। मैं तुम्हे नौकरी लगवा दूंगा।
दिवाली वाले दिन यह मुझे मिल कर गए। मिल कर ऐस गए कि मुझे फोन कर पूछा, कहां हो… दीना नगर आ जा। मैंने कहा… आज दिवाली का दिन है, मैं कैसे आ जाऊं। मेरे पास टाइम नहीं है। शायद आज के बाद मिल ना सकूं। मैंने कहा- ऐसे ना कहो, मेरी नौकरी जो दिलानी थी। इन्होंने कहा- अगर चाहिए तो आ जा।
फिर मैं लालच में आ गया। यह मुझे मिले, बस स्टैंड मिले। बाइपास एकांत जगह ले गए। यह फिर इन्होंने मेरे साथ गलत काम किया। इसके बाद मैं घर आया, बहुत लेट आया। मेरे घर वालों ने भी डांटा।
इन्होंने कहा था नौकरी दिलवाउंगा। इन्होंने मुझ से फोरेस्ट गार्ड का फार्म भी भरवाया। इन्होंने…. बाकियों का नाम आ गया, मेरा नहीं आया। मैंने सोचा कि हमारी थोड़ी यारी दोस्ती है, शायद मेरा नाम आ जाए, लेकिन नाम नहीं आया।
यह जो वीडियो है… यह वीडियो करके मुझे धमकाया, इतना धमकाया कि मुझे तीन दिन हो गए घर से निकले को। मुझे तो जो धमकाया धमकाया… मैंने घर छोड़ दिया। मैं दर-दर जा रहा हूं, कभी कहीं तो कभी कहीं… ऊपर से घर वालों को टॉर्चर कर रहे हैं कि कहां है। मैं सरकार से यही कहूंगा कि फ़रियाद करता हूं… मुझे सेफ किया जाए, मुझे इंसाफ दिया जाए।
इन्होंने तो… मैं बहुत ज्यादा डरा हुआ हूं। उस दिन से जितनी भी मेरी सिम मेरे नाम पर हैं, उससे मुझे ट्रेस कर रहे हैं। मैंने मोबाइल भी तोड़ दिया, ताकि ये ट्रेस न कर सकें। मैं सरकार से हाथ जोड़ विनती करता हूं कि मेरा कुछ सोचा जाए… मेरा न्याय किया जाए।
पीड़ित द्वारा SC कमीशन को भेजी गई शिकायत…



