
चंडीगढ़ सेक्टर 48-47 एंड (जंक्शन नंबर-63) से रेलवे अंडरब्रिज-19 से 200 फुट पीछे हटकर चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपाेर्ट तक ऑल्टरनेट राेड बनाने की प्रपाेजल फाइनल हाे चुकी है। अब पंजाब के गवर्नर एवं नगर प्रशासक बनवारी लाल पुराेहित की अध्यक्षता में मीटिंग में इसे अप्रूवल दी जानी है।
इसके बाद ही पंजाब सरकार जगतपुरा गांव की 14.2 एकड़ और यूटी 42.3 एकड़ लैंड एक्वायर करने का प्रोसेस शुरू करेगा। इसे डिफेंस एयरपाेर्ट अथाॅरिटी और रेलवे अथाॅरिटी अप्रूवल दे चुके हैं। इंटरनेशनल एयरपाेर्ट तक ऑल्टरनेट राेड काे लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकाेर्ट में 25 मई काे केस की हीयरिंग हाेनी है।
काेर्ट में प्रशासन को जवाब दायर करना है। इसी काे लेकर वीरवार काे एडवाइजर धर्मपाल की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा और चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया की ओर से कहा गया कि जंक्शन-63 से रेलवे अंडरब्रिज-19 की हाइट काफी कम है। इससे 200 फुट पीछे राेड बनाई जा सकती है। इस पर रेलवे अथाॅरिटी के एसएसई सुखदेव सिंह ने सहमति दे दी।
डीसी माेहाली आशिका जैन ने बताया कि एयरपाेर्ट अथाॅरिटी के 100 मीटर दायरे में इंक्राेचमेंट हटाने के लिए म्युनिसिपल काउंसिल जीरकपुर द्वारा नाेटिस जारी किए गए हैं। इंटरनेशनल एयरपाेर्ट से संबंधित जमीन के खर्च काे एयरपाेर्ट अथाॅरिटी ही वहन करेगा। ऑल्टरनेट राेड बनने से कनेक्टिविटी बढ़ेगी, लाेगाें की आवाजाही ज्यादा हाेगी तो इसका लाभ एयरपाेर्ट काे हाेगा।
इस रोड के लिए जमीन एक्वायर करने संबंधी अप्रूवल के लिए डिफेंस मिनिस्ट्री से जल्द ही लेटर मिलने वाला है। यूटी प्रशासन और पंजाब अपनी-अपनी जमीन एक्वायर करने का खर्च वहन करेंगे। मीटिंग में एयरपाेर्ट अथाॅरिटी ऑफ इंडिया के सीईओ राकेश रंजन सहाय, फाइनेंस सेक्रेटरी यूटी विजय नामदेव जाडे, गमाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर अमनदीप बंसल, डीसी यूटी विनय प्रताप सिंह, एलएओ साैरभ अराेड़ा, डीटीपी राेमा आदि शामिल थे।
रूट-2 की प्रपाेजल है अप्रूव, इसके लिए हाेगी जमीन एक्वायर
इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दीवार के साथ-साथ ऑल्टरनेट रोड निकलेगी। यह राेड जंक्शन-63 से इंटरनेशनल एयरपाेर्ट तक 3.730 किलाेमीटर बननी है। इसमें चंडीगढ़ का एरिया 2.640 किमी, पंजाब का 820 मीटर और एयरपाेर्ट अथाॅरिटी का एरिया 270 मीटर है। इसके लिए यूटी की 42.81 एकड़, पंजाब के गांव जगतपुरा की 14.07 एकड़ जमीन एक्वायर करनी है। चंडीगढ़ प्रशासन गांव फैदां और चाहर तरफ बुड़ैल की जमीन एक्वायर करेगा, जबकि पंजाब सरकार जगतपुरा की जमीन एक्वायर करने का खर्च उठाएगी।

