
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू की सिक्योरिटी कटौती को लेकर AAP सरकार बैकफुट पर आ गई है। शुक्रवार को इस मामले में सिद्धू की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान AAP सरकार ने याचिका का विरोध करने के बजाय रिव्यू करने के लिए समय मांग लिया। सरकारी पक्ष ने कहा कि अगर सिद्धू की सुरक्षा को लेकर जरूरत हुई तो इसे और बढ़ा दिया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी। जिसमें सरकार रिव्यू की रिपोर्ट रख सकती है।
नवजोत सिद्धू हाल ही में रोडरेज केस में पटियाला जेल में 1 साल कैद काटकर लौटे हैं। उसके बाद ही AAP सरकार ने उनकी सिक्योरिटी को Z प्लस से घटाकर Y प्लस कर दिया। जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। पिछले महीने 28 अप्रैल को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

नवजोत सिद्धू ने अपनी पिटीशन में उनकी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। अपनी पिटीशन में सिद्धू ने स्पष्ट कहा था कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलती रही हैं। वहीं जेल से निकलने के बाद सिद्धू मूसेवाला के घर पहुंचने पर नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा था कि गैंगस्टर लॉरेंस उन्हें सरेआम धमकियां देता रहा है। ऐसे में पंजाब सरकार उनकी सुरक्षा कम करके एक और सिद्धू मरवाना चाहती है।

25 कमांडो में से अब सिर्फ 13 बचे
रोडरेज मामले में जेल जाने से पहले नवजोत सिंह सिद्धू के पास कुल 25 कमांडो का काफिला होता था। इतना ही नहीं, जेल से लुधियाना में एक मामले में सुनवाई के दौरान भी नवजोत सिंह सिद्धू ने बिना सुरक्षा बाहर जाने से इनकार किया था। इसके बाद जब नवजोत सिंह सिद्धू जेल से बाहर आए तो उनकी सुरक्षा 25 से घटा 13 कर दी गई।
घर की छत पर दिखा संदिग्ध व्यक्ति
सिद्धू के जेल से बाहर आने के कुछ दिन बाद ही एक अज्ञात संदिग्ध व्यक्ति शॉल पहने हुए पटियाला में उनके घर की छत पर देखा गया था। इस मामले में सिद्धू के नौकर के बयानों पर पटियाला पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस भी दर्ज किया। सिद्धू ने कहा है कि उनकी जान को खतरा है और ऐसे में उन्हें दी गई सुरक्षा को उन्होंने कम बताया है।

