
पंजाब यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल नंबर 4 में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोफेशनल कोर्स की एक स्टूडेंट के कमरे में बुधवार सुबह करीब 3:30 बजे एक युवक घुस आया और यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। चेहरा सहलाने का एहसास होने पर लड़की उठी और युवक को देखकर शोर मचाया तो वह रैंप के रास्ते भागा। हॉस्टल के तीसरे फ्लोर पर घटना हुई। करीब 10 मिनट घबराहट कंट्रोल करने के बाद युवती ने अपने दोस्तों से संपर्क किया और तुरंत हॉस्टल की रिसेप्शन पर जानकारी दी।
घटना के दूसरे दिन भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो लड़की ने पुलिस को संपर्क करने की बात की। उसके बाद सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई जिसके अनुसार युवक करीब 30 मिनट तक हॉस्टल परिसर में ही था। उसके गले में कपड़ा और बैग भी था। फुटेज में युवक के हावभाव से अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह नशे में था। घटना की जानकारी डीएसडब्ल्यू प्रो. जितेंद्र ग्रोवर और डीएसडब्ल्यू वुमन प्रो. सिमरत काहलों को वीरवार दोपहर को दी गई।
पढ़ते-पढ़ते सो गई थी…
इस स्टूडेंट की रूममेट उस दिन किसी वजह से बाहर थी। स्टूडेंट पढ़ते-पढ़ते सो गई थी, लाइट जल रही थी और कमरे का दरवाजा खुला था। इस बीच उसने सुबह करीब 3:30 बजे अपने चेहरे पर एक हाथ महसूस किया। एक युवक उसको सहला रहा था और हिंदी में बात कर रहा था। इसके बाद युवती जोर से चिल्लाई।
सीसीटीवी दिखाने के लिए स्टूडेंट से मांगी एप्लीकेशन…
स्टूडेंट ने अटेंडेंट को बताया, जहां से आगे जानकारी असिस्टेंट को दी गई। वार्डन तक बात पहुंची कि एक लड़का आया था, उन्होंने ढूंढ़ा और मिला नहीं। बताया जाता है कि वाडर्न तमन्ना सहरावत ने सिक्योरिटी स्टाफ को सीसीटीवी फुटेज दिखाने को कहा, लेकिन सिक्योरिटी ऑफिस ने इसमें लापरवाह रवैया अपनाया। हॉस्टल की ही एक स्टूडेंट का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए भी स्टूडेंट्स से एप्लीकेशन मांगी गई। स्टूडेंट ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस दोनों को अपने बयान दर्ज करा दिए हैं।
सिक्योरिटी गार्ड और स्टाफ था ही नहीं
जांच के दौरान पाया गया है कि रात 2:30 बजे के बाद सिक्योरिटी गार्ड और स्टाफ मौजूद ही नहीं था। मुख्य गेट के अलावा अंदर भी सिक्योरिटी गार्ड होता है लेकिन युवक दो बार अंदर आया और गया, लेकिन किसी ने उसे नहीं देखा।
सख्त कार्रवाई की तैयारी में पीयू…
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक तीन सिक्योरिटी गार्ड और अटेंडेंट को सस्पेंड करने की सिफारिश कर दी गई है। डीएसडब्ल्यू की ओर से तैयार रिपोर्ट में असिस्टेंट को ट्रांसफर करने और असिस्टेंट वार्डन की इंक्वायरी करने की सिफारिश भी की गई है।
वार्डन, स्टाफ के बीच पहले भी रहा है विवाद
हॉस्टल वार्डन के खिलाफ नॉन टीचिंग स्टाफ ने लिखित शिकायत दी थी कि वह लोगों पर बिना वजह दबाव बनाती हैं, मानसिक तौर पर परेशान करती हैं। वार्डन ने भी मुलाजिमों के खिलाफ शिकायत दी है कि इनको बदलने की जरूरत है, क्योंकि यह अपना काम सही से नहीं कर रहे हैं।
मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के लिए जिम्मेदारी जरूर तय की जाएगी और कार्रवाई भी होगी।
प्रो सिमरत काहलों, डीएसडब्ल्यू वुमन
डीएसडब्ल्यू की रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई होगी।
प्रो. रेनू विग, वीसी
स्टूडेंट्स की सिक्योरिटी पहली प्राथमिकता है। जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई जरूर होगी। पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत दी है।
प्रो. जितेंद्र ग्रोवर, डीएसडब्ल्यू

