
प्रदेश में बेमौसमी बारिश-ओलावृष्टि से रबी की 3.20 लाख एकड़ फसल में 25 से ज्यादा नुकसान हुआ है। इसमें करीब 1.70 लाख एकड़ में सरसों और करीब 1.50 लाख एकड़ में गेहूं की फसल है। यह जानकारी जिलों से मिली विशेष गिरदावरी की रिपोर्ट को कंपाइल करने के बाद सामने आई है।
प्रदेशभर के 6187 गांवों के करीब 2.63 लाख किसानों ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 17.14 लाख एकड़ फसल खराब होने की जानकारी दी थी। 18.66% फसल में 25 से 100 फीसदी नुकसान मिला। जिन किसानों ने फसल का बीमा नहीं कराया है, उन्हें मुआवजा हरियाणा सरकार देगी। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का कहना है कि मुआवजे की राशि 15-20 दिन में किसानों के बैंक खाते में दे दी जाएगी।
एक किसान ने खजूर के खराबे का मांगा मुआवजा
एक किसान ने खजूर की फसल खराब होने की जानकारी दी है। अब विभाग जांच कर रहा है कि खजूर की फसल ओले से खराब हुई या बारिश से। कई किसानों ने खजूर के बाग लगाए हुए हैं। वहीं, गेहूं के मुकाबले सरसों में ज्यादा नुकसान का कारण कटी फसल पर बारिश-ओलावृष्टि होना है।
बीमा योजना के आंकड़े मैच कर रहा विभाग
उन किसानों ने भी मुआवजे के लिए पंजीकरण कराया है, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पंजीकृत हैं। राजस्व विभाग किसानों द्वारा दी गई जानकारी की पूरी डिटेल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकृत किसानों की डिटेल के साथ मैच करेगा। किसान ने फसल का बीमा कराया हुआ है तो उसे मुआवजा बीमा योजना के तहत ही मिलेगा।

