
पंजाब में विकास प्रोजेक्ट के नाम पर ग्राम पंचायत की जमीन लीज पर लेने और निर्माण कार्य न कराने में बड़ा खुलासा हुआ है। ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग को मिली शिकायत में यह पाया गया है कि कागजों में जमीन लीज पर लेने का मकसद स्कूल, कॉलेज, पुलिस चौकी, गोशाला, शूटिंग रेंज आदि बनाने का था, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
भास्कर ने विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर जब 47 मामलों की पड़ताल की तो पता चला कि किसी ने लीज राशि नहीं दी तो किसी की लीज डीड ही नहीं हुई। नवंबर 2021 से फरवरी 2022 तक हुई ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग की जांच में इस बात की पुष्टि हुई।
ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग (लीज) के डिप्टी डायरेक्टर जोगिंदर कुमार ने बताया कि नियमानुसार लीज पर ली गई जमीन की राशि का 40 प्रतिशत हिस्सा एडवांस जमा करवाना होता है। 6 महीने से 1 साल के अंदर निर्माण कार्य कराना होता है। ज्यादातर फाइलें दफ्तरों में ही भटकती रहती है। कई विभाग फंड भी अदा नहीं करते इसलिए लीज पर ली गई कई जमीनों पर निमार्ण नहीं हो पाता और केस रद्द करना पड़ता है।
3 केस से समझिए कैसे पंचायती जमीन पर गोलमाल हुआ…
तरनतारन…पुलिस ने जमीन लीज पर ली, चौकी बनी नहीं
तरनतारन जिले के गांव कंग के सरपंच परगट सिंह ने बताया कि पुलिस ने 2009 में पंचायत से 3 कनाल 10 मरले जमीन लीज पर ली थी। पर पुलिस ने चौकी कहीं और बना ली। पंचायत ने शिकायत की। 21 फरवरी 2022 को ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग ने पत्र नंबर 20/13/2010 एलडी-2/तरनतारन/871-77 अनुसार लीज डीड को रद्द कर दिया।
नवांशहर…शूटिंग रेंज बनाना था, 2 साल बाद डीड पेमेंट रोकी
नवांशहर के गांव माजरा जट्टां के तत्कालीन सरपंच चरनजीत कौर ने बताया कि जिला राइफल शूटिंग एसोसिएशन ने शूटिंग रेंज बनाने के लिए 2014-15 में पंचायत से करीब 6 एकड़ जमीन लीज पर ली। एसोसिएशन ने दो साल ही पेमेंट की। 11 फरवरी 2022 को विभाग ने पत्र नंबर 9/15/2015 एलडी-2/नवांशहर/651-57 अनुसार लीज डीड को रद्द कर दिया।
फतेहगढ़ साहिब…स्कूल की 10 लाख लीज पेमेंट नहीं दी
गांव सलानी की तत्कालीन सरपंच हरजिंदर कौर ने बताया कि मैसर्स अग्रवाल एजुकेशन ट्रस्ट मंडी गोबिंदगढ़ ने 2009-10 में स्कूल बनाने के लिए पंचायत से 11 एकड़ जमीन लीज पर ली। एसोसिएशन ने 10 लाख की लीज पेमेंट नहीं की। मामला हाईकोर्ट गया। 7 जून 2017 को विभाग ने पत्र नंबर 15/60/2011 एलडी-2/फतेहगढ़ साहिब/4964-70 अनुसार लीज डीड को रद्द कर दिया।
पूर्व सरकारों में हुई गड़बड़ी 47 केस रद्द किए गए हैं

पूर्व सरकारों में ग्राम पंचायत लैंड लीज पॉलिसी के तहत 2008 से फरवरी 2022 तक सरकारी व गैर सरकारी अदारों को लीज पर दिए गए जमीन के 47 केसों में गड़बड़ियां पाई गईं हैं। इनकी परवानगी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी गई है। जांच जारी है।’- कुलदीप सिंह धालीवाल, (कृषि मंत्री पंजाब)
वो प्रोजेक्ट जो परवान नहीं चढ़े : 19 पुलिस चौकी, 1 पुलिस थाना, 4 स्कूल, 4 अनाज गोदाम, 3 गोशाला, 1 शूटिंज रेंज, बायोमॉस प्रोजेक्ट, 6 गोडाउन, 1 मोबाइल टावर,1 मार्ग, 2 ईंट के भट्ठे, 2 जगहों पर 20 हजार से ज्यादा पौधे लगाए जाने थे, 2 तकनीकी सिखलाई केंद्र।

