
धनास में चार मंजिला मकान में रहने वाले मोनू बिड़ला की 7 अक्टूबर 2020 को अपने ही घर में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसकी पत्नी का कहना था कि मोनू ने सुसाइड किया है। लेकिन मोनू के तीन बच्चों में सबसे छोटी बेटी खुशी ने पिता को खोने के कुछ महीनों बाद ही अपनी दादी केला देवी को बताया था- ‘मेरे पापा ने सुसाइड नहीं किया, उनको मम्मी के सामने मामा व चार लोगों ने मारा था।’ तब खुशी करीब 6 साल की थी।
उसकी दादी तभी से कभी सारंगपुर थाने तो कभी एसएसपी हेडक्वार्टर के चक्कर काट रही है, लेकिन उनकी कोई सुन नहीं रहा। अब खुशी साढ़े 8 साल की है, लेकिन अब तक इस केस में कुछ नहीं हुआ। सोमवार को केला देवी ने इंसाफ हासिल करने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
याचिका में लिखा है कि उसके बेटे मोनू का मर्डर किया गया है, जिसकी चश्मदीद उसकी बेटी है।केला देवी ने बताया कि उनका बेटा पीजीआई के सामने टैक्सी स्टैंड पर ड्राइवर था। 2006 में उसकी शादी हुई। तीन बच्चे हुए- सबसे पहले बेटा और उसके बाद दो बेटियां, जिनमंे खुशी सबसे छोटी है।
वह लोग चार मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे। साथ ही दूसरी बिल्डिंग में दूसरा बेटा नीटू रहता है। मोनू का साला अपनी बहन से मिलने आता था और कई बार घर पर बैठकर शराब पीता था। मोनू इस पर एतराज करता था। हद तब हो गई जब वह अपने कजन को भी घर लाने लगा।
इतना ही नहीं बेटे के घर पर न होने पर भी कजन कई बार घर आने लगा। बेटे को इसका पता चला तो उसने पत्नी को समझाया कि आगे से ऐसा न करे। इसे लेकर दंपती में अकसर झगड़ा रहता था। बच्चे यह सब देखते थे।
मोनू की छोटी बेटी खुशी ने बताया-
पापा को मामा व चार लड़कों ने पीटा, जबरदस्ती मुंह में कुछ डाला, मम्मी सब देख रही थी…
मैं और दीदी बाहर खेल रहे थे। तभी मामा घर आया। उसी समय पापा भी आ गए। पापा की मामा से बहस हुई, पापा ने उनको थप्पड़ मार दिया। मामा उसी समय घर से बाहर आकर किसी को फोन करने लगे। कुछ देर बाद एक आंटी घर आई तो पापा ने उससे पूछा- कौन हो और क्यों आए हो।

उस आंटी को बाहर जाने के लिए कहा तो उसने वहीं से फोन किया और कुछ देर मंे चार लड़के आ गए, जिनमंे एक लड़का मोटा था। वह आंटी मुझे व दीदी को बाजू से पकड़ कमरे से बाहर ले गई और पर्दा लगा दिया। लेकिन पर्दे से अंदर दिख रहा था।
वह लड़के पापा को पीट रहे थे, पापा इधर-उधर भाग रहे थे। मोटा लड़का कुछ लेकर आया और जबरदस्ती पापा के मुंह मंे डाल दिया। एक लड़के ने पापा के मुंह पर हाथ रखा हुआ था और दो ने बाजू पकड़ रखी थी। बाद में आंटी धमकियां देते हुए हम दोनों को आगे ले गई। उसके बाद मम्मी बाहर आई और हम दोनों बहनों को ताऊ (नीटू) को बुलाने के लिए भेजा।’
खुशी ने भास्कर से बातचीत में यह घटना बयां की। याचिका में भी इसका जिक्र है। पुलिस को भी कई बार यह बात बताई जा चुकी है, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया
दीवार पर मोनू के संघर्ष के निशान…
नीटू भागता हुआ आया तो मोनू बेड के पास नीचे गिरा हुआ था। उसकी पत्नी साइड में बैठी थी। बाद में पुलिस मौके पर आई और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। वहां दीवार पर पांच जगह मोनू की उंगलियों के निशान मिले हैं, जिनपर सर्कल बनाकर फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने लिखा भी है- मोनू की उंगलियों के निशान। यह निशान संभवत: उस वक्त बने जब मोनू बचने के लिए संघर्ष कर रहा था।
यह सवाल जिनका जवाब किसी के पास नहीं…
बेड से पंखे की ऊंचाई करीब साढ़े 5 फुट है। मोनू फंदा लगाता तो पंखे पर निशान मिलते, पंखा टेढ़ा होता, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था।
सुसाइड किया तो माेनू के सिर के पीछे चोट के निशान कैसे आए?
मोनू ने फंदा लगाया तो 5 मिनट में ही उसका शव क्या पत्नी ने अकेले ही उतारकर फर्श पर रख दिया?
माेनू सुसाइड करता तो गर्दन पर गहरा निशान बनता लेकिन मौके की फोटो में ऐसा नहीं दिख रहा है।
सीधी बात
मोहन लाल, आईओ सब-इंस्पेक्टर
वो तो नाबालिग बच्ची है, उससे क्या पता करना…
मोनू की मौत में क्या आया था?
वह सुसाइड केस था, पोस्टमॉर्टम में हैंगिंग आई थी।
मोनू की 8 साल की बेटी तो कुछ और बता रही है, आपने उसके बयान लिए?
वह तो उस समय बहुत छोटी थी और नाबालिग है, उससे क्या पता करना। मृतक की मां हर महीने शिकायत देती है, लेकिन उसको सारी रिपोर्ट दे दी है कि यह सुसाइड है।

