
साइबर ठगों ने सेक्टर-23 निवासी बिजनेसमैन मुकेश गर्ग को सीआईएसएफ का नकली एसिसटेंट सब-इंस्पेक्टर बनकर ढाई लाख का चूना लगा दिया। पीड़ित ने रविवार को साइबर पुलिस स्टेशन सेक्टर-17 में शिकायत दे दी है।
मुकेश ने बताया है कि उन्होंने अपना एक घर रेंट पर चढ़ाने के लिए सोशल साइट पर विज्ञापन डाला था। उनको 13 मई को एक कॉल आई और कॉलर ने खुद को सीआईएसएफ के एएसआई अनिकेत विजय कलबोहर बताया।
कहा कि उनकी ट्रांसफर चंडीगढ़ में हुई है और रेंट पर मकान चाहिए। इस पर सारी बात हो गई और पीड़ित ने बताया कि 35 हजार मंथली किराया और दो महीने की सिक्योरिटी व एक माह का एंडवास किराया आपको देना होगा।
इस पर नकली जवान ने हां कर दी। बकायदा उसने इस नाम का आईकार्ड, फैमिली फोटो व अन्य दस्तावेज भेजे, ताकि पीड़ित को शक न हो कि वह सीआईएसएफ का जवान की बोल रहा है न की कोइ ठग।
आरोपी ने कहा- वह सेंट्रल गवर्नमेंट का कर्मचारी…
आरोपी ने पीड़ित को कहा कि वह सेंट्रल गर्वमेंट का कर्मचारी है और उनका फोन सर्विलांस पर लगा होता है। इसलिए जो बात करते हैं वह ऊपर अफसर सुनते हैं, इसलिए लीमिटेड बात ही करें। इसके साथ ही उनके डिपार्टमेंट का रूल है कि वह डॉयरेक्ट किसी को पैसे नहीं भेज सकते उनको पहले अपने एचआरए डिपार्टमेंट से परमिशन लेनी होगी।
उसकी ओर से पहले आप 25 हजार की पेमेंट करो, ताकि वह एचआरए में उसकी ट्रांजेक्शन दिखा सके। पीड़ित ने बताया कि वह आरोपी की बातों में आ गया और उसने 25 हजार की ट्रांजेक्शन भेज दी। उसके बाद पता नहीं कैसे लगातार उसके अकाउंट से पैसे निकलने लगे और जब तक वह कुछ समझ पाता उसके अकाउंट से 2 लाख 44 हजार रुपए ट्रांसफर हो चुके थे।
बाद में पीड़ित के उस नंबर पर कॉल करता रहा तो वह स्विच ऑफ आया। फिर उनको समझ आई कि उनके साथ नकली सीआईएसएफ जवान बनकर साइबर ठगों ने ठगी की है और फिर साइबर सेल में शिकायत दी।

