
जालंधर लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान का दिन नजदीक आते देख सभी पार्टियों के दिग्गज नेता प्रचार के लिए जुट गए हैं। भले ही यह चुनाव जालंधर का है, लेकिन कोई भी उम्मीदवार जीते रुतबा मालवा का ही बढ़ेगा। हार भी मालवा को ही होगी। क्योंकि सभी पार्टियों ने चुनाव प्रचार की कमान मालवा के दिग्गज नेताओं को सौंपी हैं। वह सत्ताधारी पार्टी आप हो, कांग्रेस, भाजपा या फिर शिअद हो।
किस पार्टी ने किसको सौंपी कमान
आप : हरपाल सिंह चीमा
पार्टी ने जहां सुशील रिंकू को उम्मीदवार बनाया है। वहीं उनके चुनाव प्रचार में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित कई मंत्री व अन्य दिग्गज आ चुके है। लेकिन चुनाव प्रचार की कमान आप ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को दे रखा है। चीमा मालवा क्षेत्र से हैं।
शिअद: सुखबीर सिंह बादल पार्टी ने जहां डाॅ. सुखविंदर कुमार सुक्खी को उम्मीदवार बनाया है, वहीं प्रचार की कमान खुद पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल के हाथों में है। सुखबीर मालवा से हैं। फिलहाल बड़े बादल की मृत्यु होने से सुखबीर चुनाव प्रचार में नहीं जा पा रहे है। लेकिन 4 मई के बाद सुखबीर चुनाव प्रचार में कूदने वाले है।
कांग्रेस: नवजोत सिद्धू, वड़िंग और भट्ठल
पार्टी ने जहां कर्मजीत कौर चौधरी को उम्मीदवार बनाया है, वहीं प्रचार का जिम्मा विपक्ष नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व सीएम चरनजीत सिंह चन्नी सहित देश के कई दिग्गज नेताओं को सौंपा है जो डेरा जमा कर बैठे है। चुनाव इंचार्ज राणा गुरजीत सिंह को बनाया गया है। लेकिन चुनाव प्रचार की कमान कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, पूर्व सीएम रजिंदर कौर भट्ठल के हाथों में है। ये सभी नेता मालवा से हैं।
भाजपा: ग्रेवाल, कांगड़, कालड़ा और ढिल्लों
पार्टी ने जहां इंदर इकबाल सिंह अटवाल को उम्मीदवार बनाया है, वहीं प्रचार की कमान भाजपा के राष्ट्रीय नेता हरजीत सिंह ग्रेवाल, स्टेट को-ऑर्डिनेटर जतिंदर कालडा, महासचिव गुरप्रीत सिंह कांगड, उप प्रधान केवल सिंह ढिल्लों के हाथों में है। ये सभी मालवा से हैं। शिअद संयुक्त ने भाजपा को समर्थन दे रखा है, वह भी चुनाव प्रचार में उतरे हुए हैं। प्रधान सुखदेव सिंह ढींढसा मालवा से है। वहीं शिअद (अ) ने गुरजंट सिंह कट्टू को उम्मीदवार बनाया है। प्रचार की कमान पार्टी प्रधान सिमरनजीत सिंह मान के हाथों में है।

