
सिटी में लंबे समय से काला संघिया ड्रेन आसपास के गांवों में भयानक बीमारियां फैला रही हैं। इसका एक स्थायी समाधान के लिए काला संघिया ड्रेन एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
इसका मुख्य उद्देश्य कैंसर और प्रदूषण जैसी बीमारियों को बांटने वाली इस नहर के मुद्दे को सभी राजनीतिक दलों के ध्यान में लाते हुए इसके स्थायी समाधान के लिए राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों से ‘वादा’ लेना जरूरी है, ताकि जनता काे राहत की सांस मिल सके।
विदित हाे कि जालंधर में कुछ चमड़े की फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी, मेडिकल उपकरण बनाने वाली फैक्ट्रियों का कचरा, सिटी का सीवरेज और मृत मवेशी और कचरा आदि इस नहर में फेंके जाते हैं, जो इसे प्रदूषित करता हैं। इस वजह से आसपास के गांवों का भूमिगत जल प्रदूषित हो रहा है।
वहीं कई जगह पर लोग पानी का इस्तेमाल पीने के लिए भी करते हैं, जिससे भयानक बीमारियां होती हैं। वहीं क्षेत्र में इस दूषित पानी से कई लोगों की मौत हो चुकी है, और लाेगाें में काला पीलिया, त्वचा राेग और कैंसर, दमा समेत अन्य बीमारी की चपेट में अा रहे हैं। इस माैके पर हरजिंदर िसंह, हरनेश सिंह, अवतार सिंह, जसविंदर सिंह, सुखचेन सिंह आदि माैजूद रहे।
ग्राम बुद्दाेपुधर के इस नहर पुल पर 5 मई को काला संघिया ड्रेन एक्शन कमेटी का एक विशाल सभा का आयोजन हाेगा। इसमें सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों/ उम्मीदवारों को आमंत्रित किया जाता है और जनता की समस्याओं को दूर करे। इसके साथ ही 5 मई की बैठक में यदि किसी दल का कोई प्रतिनिधि नहीं आया, तो उप-चुनाव और निकाय चुनाव में उस दल का विरोध जारी रहेगा।

